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अपनी पहचान खोने के संकट में जाट समाज

अपनी पहचान खोने के संकट में जाट समाज

समय के साथ बदलना होगा समाज को

जयपुर। आज के बदलते युग में बच्चों की शादी करने के लिए माता-पिता को काफी प्रयास करना पड़ता है लेकिन अगर पूरा समाज एक साथ मिलकर यह कार्य करें तो बच्चों की शादी के लिए अच्छा परिवार मिलने की संभवना कई गुना बढ जाती है वहीं दूसरी ओर बच्चों की शादी के लिए अच्छे परिवार बड़े ही सुलभ तरीके से प्राप्त हो जाते हैं। कुछ इसी प्रकार का प्रयास किया राजस्थान जाट समाज संस्थान ने। संस्थान की ओर से जाट समाज के आमसभा व परिचय सम्मेलन किया गया। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ नागरिकों ने ताराचंद चौधरी को फिर से निर्विरोध अध्यक्ष बनाया है। कार्यक्रम का आयोजन युवक-युवतियों का वैवाहिक परिचय सम्मेलन विद्याधर नगर में आयोजित किया गया। इस मौके पर संस्थान के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ताराचंद चौधरी व महासचिव जगमाल सिंह ने बताया कि सम्मेलन बाल विवाह, जन्म-मृत्यु भोज, दहेज प्रथा सहित अन्य मामलों पर चर्चा की। इसके साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार से समय बदलता है उसी प्रकार से हमें भी अपने समाज का समय समय पर विश£ेषण करते रहना चाहिए। क्योंकि समय के साथ समाज को बदले की आवश्यकता होती है। कुछ जमा होता है तो कुछ निकाला जाना चाहिए। तभी कोई समाज विकास कर सकता है। अगर यह ख्याल नहीं रखा गया तो समय के साथ समाज कमजोर होता जाएगा एवं एक समय आएगा कि वह समाज अपनी पहचान खोकर इतिहास में दर्ज होकर रह जाएगा। इसके साथ ही साथ उन्होंने आज के समय को ध्यान में रखते हुए परिचय सम्मेलन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कहा कि समय बदल रहा है या तो बच्चे अपने मर्जी से शादी कर लेते है या फिर किसी योग्य वर या वधू की तलाश में परिवार के लोग समाज के बाहर अपने बच्चों का रिश्ता करा देते है। ऐसा नहीं है कि जाट समाज में योग्य रिश्ते नहीं है लेकिन समयस्या है तो व्यक्ति की सामाजिक पहुंच काफी सीमित हो गई है जिसके कारण सही रिश्ता तलाशने में उसे या तो सालों लग जाते है या फिर कई बार थक हारकर उसे अनचाहे फैसले लेने पड़ते है । इनही बातों को ध्यान में रखते हुए परिचय सम्मेलनों का आयोजन समय समय पर होते रहना चाहिए जिससे आपको अपने समाज को जानने का मौका मिलेंगा बल्कि अपने बच्चों के रिश्तों के लिए ही काफी सहायता प्राप्त होगी। जानकारी के अनुसार परिचय सम्मेलन में राजस्थान, यूपी, हरियाणा, दिल्ली के 200 युवक-युवतियों ने भाग लिया। इसमें से 90 जोड़े बनने की संभावना है। इस मौके पर संस्थान के मुख्य संयोजक सुभाष बुगालिया, सुखराम चौधरी, कोषाध्यक्ष भागीरथ महला, उपाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, मांंगीलाल चौधरी, रीछपाल चौधरी सहित अन्य समाज लोग मौजूद थे।

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